Pagalpanti Movie ka song Aor Review

Pagalpanti Full Movie Online
Pagalpanti


Pagalpanti Full Movie Online: हम सब अपनी लाइफ में खुशियों की तलाश कर रहे हैं किसी को पैसे में खुशी मिलती है तो किसी को दोस्ती में और कुछ लोग ऐसे भी हैं जो हर फ्राइडे खुशियां ढूंढने निकल जाते हैं.

लेकिन सावधान हो जाइए आजकल मिलावट का जमाना है और मार्केट में आजकल कॉमेडी के नाम पर ऐसा जहर बेचा जा रहा है जो आपको जिंदगी भर के लिए हंसी से दूर कर सकता है और हॉस्पिटल के बेड पर लाकर पटक सकता है.

एक जमाना था हलचल हंगामा हेरा फेरी जैसी फिल्में आपको हंसा हंसा कर आपके पेट में दर्द कर देती थी हां दर्द तो आज भी होता है लेकिन हंसी से नहीं दिल टूटने से जो आप मेहनत की कमाई के पैसे फिल्म देखने पर खर्च करते हैं उसके बदले में क्या मिलता है बर्बादी और कुछ भी नहीं.


कम और सीधे शब्दों में बोली तो कुछ लोग कॉमेडी के नाम पर आपके ऊपर झांसा डाल रहे हैं और लूट रहे हैं जिसकी सजा होती है जेल.

Pagalpanti Movie Review 2019

 जरा सोचिए जिस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह फाइनली खत्म हो जाती है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं तो आप अंदाजा लगा सकते हैं इस फिल्म को एंड तक देखना जिंदगी और मौत से लड़ने के बराबर है.

और यह जंग जीत के मे वापस आया हूं इसके बदले में मुझे टिकट के पैसे वापस चाहिए कुछ दिन पहले फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया था तो 3 मिनट के ट्रेलर में 3 सेकंड की हंसी ढूंढ ना भी मुश्किल हो गया था.

लेकिन इस बार तो हद ही पार हो गई है क्योंकि 3 घंटे की फिल्म मैं हंसी का नाम एकदम गायब है यकीन करना मुश्किल है नो एंट्री और वेलकम जैसी फिल्में बनाने वाले अनीश बाजी ने पागलपंती जैसा  कारनामा करके दिखाया है यह तो वही बात हो गई नाम बड़े और दर्शन छोटे.

ऊपर से मूवी में इतने सारे हीरो हीरोइन हर दिए गए हैं जिसकी वजह से कहानी के लिए जगह ही नहीं बची है दूसरी फिल्मों के जैसे ही कॉमेडी पैसे से शुरू होती है और लड़कियों से खत्म हो जाती है इसके अलावा तीसरी चीज ढूंढना मतलब पास मार्क्स पानी ढूंढ के निकालना.


जो बची खुची कसर है वहां आइटम सॉन्ग से पूरी कर दी गई है जो मजाक कम आपके कानों को सजा ज्यादा देते हैं फिल्म की कहानी एक राज किशोर नाम के पनौती इंसान के ऊपर है जिसकी कुंडली में खाली बैड लक है.

Pagalpanti Full Movie Download


जिस काम में राजकिशोर हाथ डालते हैं उस काम के बर्बादी पक्की है कुछ भी समझ लीजिए राजकिशोर दूसरी दुनिया में अर्जुन कपूर का रोल प्ले कर रहे हैं चलता हुआ बिज़नेस पर ताले लग जाते हैं और अच्छा खासा इंसान बीमार हो जाता है रोड पर चलती हुई गाड़ियां हवा में ब्लास्ट हो जाती हैं छोटे-मोटे कारनामे राजकिशोर चुटकी बजा कर सकते हैं.

इनके दो अनमोल रतन भी है जो इनके बैड लक में हमेशा साथ देते हैं जैसे गांधीजी के तीन बंदर हुआ करते थे उसी तरह से यह तीनों फिल्म में ना तो कुछ अच्छा देखते हैं ना तो कुछ अच्छा बोलता है ना तो कुछ अच्छा सुनते हैं.

इन तीनों की लाइफ में ट्विस्ट लेकर आते हैं डॉन और कुछ गैंगस्टर जिनको लाइफ में सिर्फ एक ही चीज की तलाश है पैसा और खूब सारा पैसा इसके अलावा इनका फिल्म से कुछ लेना-देना नहीं ना तो यह आपको डराते हैं ना ही आपको हंसाते हैं.

हां कुछ फ्लोफ एक्टिंग चलती रहती है जिसको हकीकत वाले चोर और गुंडे देखकर पानी-पानी हो जाएंगे बस यहां से गुंडागर्दी का कॉकटेल तैयार किया जाता है कुछ फालतू के चुटकुले घुसा दिए जाते हैं जिनका ना तो कोई सर है और ना पैर है मसाला डालने के लिए नकली रोमांस भी दिखा दिया जाता है.

भले ही जरूरत हो या ना हो Pagalpanti movie ka song  बीच में प्रकट हो जाते हैं जो आपके कानों को काफी गहरी चोट पहुंचा सकते हैं बच गया डांस तो दिल छोटा करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है जिसके लिए फिल्म में उर्वशी को रखा गया है.

जब सौरभ शुक्ला और अरशद वारसी जैसे एक्टर के जोक्स आपको हंसा नहीं पाते हैं तो आप समझ लीजिए फिल्म का लेवल कितना नीचे होगा मतलब इससे ज्यादा कॉमेडी तो करण शाहव की फिल्मों में देखने को मिल जाती है जिसका वो थोड़ा सा भी घमंड नहीं करते हैं.

अनिल कपूर वेलकम फिल्म की तरह इस फिल्म में भी मजाकिया गैंगस्टर बनने की कोशिश करते हैं लेकिन इस बार नाक का वह मजा किया है और डॉन की तो बात ही छोड़ दीजिए उनके  कैरेक्टर को फिल्म में चिखने और चिल्लाने के लिए रखा गया है.

जॉन इब्राहिम का कैरेक्टर कहने के लिए तो लीड रोल है लेकिन कहानी में उनके लिए लीड वाली कोई कहानी नहीं बस थोड़ा मारधाड़ वाला एक्शन दिखा के लोगों का दिल बहला दिया जाता है लेकिन जॉन इब्राहिम के जोक्स एकदम पीके और बकवास लगते हैं.

लेकिन फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है इसकी फीमेल एक्टर जिनका कहानी से कोई लेना-देना नहीं है एक्टर का फिल्म होना या ना होना बराबर इनके बारे में बात करके मैं अपना और आपका समय बिल्कुल बर्बाद नहीं करूंगा.

 कम शब्द में बोलो तो पागलपंती कॉमेडी मूवी बिल्कुल नहीं है जितना गिनती के दो-तीन फनी जोक्स हैं और घिसे पिटे डायलॉग आपके सर में दुखावा कर सकते हैं अब वह जमाना चला गया बेवकूफी की आड़ में लोगों को पागल बनाया जाता था तो प्लीज थोड़ी सी मेहनत करिए हीरो हीरोइन के अलावा थोड़े पैसे राइटर को भी दीजिए.

तो दोस्तों आप लोगों का क्या कहना है पागलपंती मूवी के बारे में अगर देखने जाए तो उसके बारे में मुझे कमेंट करके जरूर बताइएगा मिलते हैं आपको अगले कंटेनर.

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